मिल्खा सिंह नही जानते कौन सा खेल खेलती हैं मेरीकॉम



महिला मुक्केबाजी में चार बार विश्व खिताब जीत चुकी एम् सी मेरीकॉम का दर्द साझा कराने वाला कोई नही. ना फेडरेशन, ना जनता और नाही नेता.
मेरीकॉम कल चुपचाप चीन से वापस आ गयीं. किसी को शायद ख़बर नही की उन्होंने चौथी बार महिला मुक्केबाजी का विश्व खिताब जीता है वह भी दो साल पहले जुड़वां बच्चों की मां बनने के बाद.
अर्जुन अवार्ड कमेटी के अध्यक्ष उड़न सिख मिल्खा सिंह के सामने जब धोनी और मेरीकॉम के नाम खेलरत्न पुरस्कार के दावेदार के रूप में लाये गए तो उन्होंने कहा की वे नही जानते मेरीकॉम कौन सा खेल खेलती हैं??? बाद में यह सम्मान धोनी को दिया गया.
मेरीकॉम कहती हैं की मिल्खा सिंह की बात ने उन्हें वो जख्म दिया जो कभी बोक्सिंग जैसे खतरनाक खेल से भी उन्हें नही मिला था..
मैं सोचता हूँ की वो कौन सी भावना है जो मेरीकॉम को खेलते रहने की ऊर्जा देती है जब की ये खेल न तो उन्हें पैसा दिला पा रहा है और नाही सम्मान
मेरे एक मित्र का कहना है की मेरीकॉम को सम्मान और ढेरों इनाम पाने के लिए बहुत खूबसूरत टेनिस या चेस खिलाड़ी होना चाहिए था... आप क्या कहते हैं

तस्वीर - साभार गूगल

5 comments:

कविता वाचक्नवी ने कहा…

सिवाय इस घटना पर क्षुब्ध होने के, क्या कहा जाए?

कविता वाचक्नवी ने कहा…

आप थोड़ा और यदि इस पर विस्तार से लिख सकें तो उसे http://streevimarsh.blogspot.com के लिए मेरे आईडी पर भेज सकते हैं, मुझे अच्छा लगेगा उसे विस्तार से प्रकाशित करना.

Alag sa ने कहा…

ऐसे सैंकड़ों नाम उपेक्षा के अंधियारे में गुम हो चुके हैं। कितने ही आर्थिक कारणों से पहचान नहीं बना पाये हैं। यह सही है कि क्रिकेट ने विश्व में भारत को खूब ख्याति दिलवाई है। पर इस सूर्य की रोशनी में बहुत सारे सितारे लुप्त हो कर रह गये हैं।

नदीम अख़्तर ने कहा…

स‌ंदीप जी, मैं अपनी पत्रिका द पब्लिक एजेंडा के लिए मेरीकॉम के बारे में विस्तार स‌े लेख लिखना चाहता हूं। क्या आप इसमें मेरी कोई मदद कर स‌कते हैं। मतलब, मेरीकॉम स‌े कहां मिला जा स‌कता है या फिर उनका कोई नम्बर हो, या उनके बारे में विस्तृत जानकारी ही अगर कोई दे स‌के तो, कृपया मदद करें। मेरा ई-मेल आईडी है -
nadeemjagran@gmail.com
mobile - 09852909234, 09835193065

Anand ने कहा…

In western countries female boxers have given more impotance than in India. If you just type "Laila Ali" in Google then you will get several pages regarding her, but in India women are not encouraged to take part in such sports. It's too rediculus for modern India!